उत्तर प्रदेश में 727 कोरोना मरीजों की संख्या है जिसमे से  60 प्रतिशत केस तबलीगी जमात से जुड़े हैं |             

देश लॉकडाउन 2.0 में आ चूका है और हम सभी फिर अगले 19 दिन तक अपने घरों में रहने को मजबूर हैं | बिना घर में रहे और सोशल डिस्टेंसइंग को पालन के हम इस वायरस के फैलाव के चेन को नहीं तोड़ सकते | देश की अर्थव्यवस्था जिस रसातल मे पंहुचेगी इसका अभी जायजा भी करना बेईमानी होगा क्योकि जान है फिर जहान है |

आज सवाल है हम इस लड़ाई में किस भूमिका है ? तबलीगी जमात का इस जानलेवा बीमारी के फ़ैलाने में क्या योगदान है यह किसी से छुपा नहीं है | उत्तर प्रदेश में 727 कोरोना मरीजों की संख्या है जिसमे से  60 प्रतिशत केस तबलीगी जमात से जुड़े हैं |             

उत्तर प्रदेश के केंद्रीय शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी का कहना है कि तबलीगी जमात ने घातक जानलेवा वायरस फैलाकर भारत पर ‘फिदायीन’ हमले की योजना बनाई थी। रिजवी ने एक बयान में कहा कि जमातियों ने वायरस फैलाकर एक लाख से अधिक लोगों को मारने की योजना बनाई थी।

खैर, महामारी का कोई धर्म नहीं होता और इसे धर्म के चश्मे से नही देखा जाना चाहिए | लेकिन जब धुल चेहरे पे जमी हो तो फिर आइना साफ़ करने से कोई फर्क नहीं पड़ता |

एक तरफ हमारे हेल्थकेयर स्टाफ, डॉक्टर्स, नर्सेज आदि इस जानलेवा बीमारी से सीधे दो-दो हाथ कर रहे हैं और हमारी जिन्दगी बचाने में लगे हैं | और दुसरे तरफ देश के हर कोने से डॉटर और नर्सेज के साथ दुर्व्यवहार की खबरे आती है | कहीं पे थूक फेंकने की तो कहीं पे डॉक्टर के साथ अश्लील व्यवहार की |

आज की खबर इससे कहीं ज्यादा परेशान करने वाली है | मुरादाबाद में आज शाम को कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने वाली डाक्टरों की टीम पर हमला कर दिया गया। हालत यह थे कि घर की छत से महिलाएं और बच्चे भी डॉक्टरों पर पत्थर बरसते रहे। डॉक्टरों का खून बहता रहा लेकिन कोई उनको बचाने सामने नहीं आया। पुलिस ने किसी तरह डॉक्टरों को बाहर निकाला और अस्पतला में भेजा।  

कोरोना की चपेट में आकर मुरादाबाद के नागफनी इलाके के नवाबपुरा में सरताज अली की मौत हो गई थी। उनके करीबियों को क्वारंटाइन करने के लिए बुधवार दोपहर डाक्टर एससी अग्रवाल के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम हाजी नेब वाली मस्जिद पहुंचे। सरताज अली के करीबियों से बातचीत करके क्वारंटान करने के लिए एंबुलेंस तक लाया जा रहा था। इसी बीच महिलाओं के शोर मचाने पर जुटी भीड़ ने अचानक स्वास्थ्य टीम को निशाना बनाकर पथराव शुरू कर दिया। डाक्टर एससी अग्रवाल, ईएमटी पंकज सिंह, गाड़ी चालक समेत पांच लोग घायल हो गए। बवाल की सूचना पर डीएम राकेश कुमार सिंह, एसएसपी अमित पाठक, एसपी सिटी अमित कुमार आनंद फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है जब पुलिस सख्त हुई और पत्थर फेंकने वालों को ललकारा तो मामला शांत हुआ।

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