जिस तरह से प्रतिदिन कोरोना का संकट बढ़ते जा रहा है उसी तरीके से इस वायरस को ले कर तरह तरह के शोध भी सामने आ रहे हैं |

नई दिल्ली : 

जिस तरह से प्रतिदिन कोरोना का संकट बढ़ते जा रहा है उसी तरीके से इस वायरस को ले कर तरह तरह के शोध भी सामने आ रहे हैं | पूरी दुनिया में इसके उत्पत्ति से ले कर, वायरस के फैलने पर तमाम तरह के शोध जारी है | इन सारे शोधों में फ़िलहाल एसिम्प्टमैटिक और सिम्टोमैटिक मरीजों के अंतर और फैलने के तरीकों से संबंधित शोधों की चर्चा ज्यादा है |

एक नए शोध के मुताबिक जिन लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखते हैं उनका इम्युनिटी उन लोगों के अपेक्षा जिनमे ये लक्षण नही दिखते से ज्यादा मजबूत बताई गयी है |
सबसे पहले एसिम्प्टमैटिक मरीज वो होते हैं जिनमे कोरोना संक्रमण के लक्षण शुरुआत में नही दिखाई देती है | सिम्टोमैटिक मरीजों में ये लक्षण में शुरू से ही दिखाई देने लग जाती है | शोध में बताया गया है कि जिन लोगों में लक्षण नही दिखाई देता उनकी इम्युनिटी वायरस के प्रतिरोध में काफ़ी कम होती है |  

कई तरह के सवाल खड़े करते शोध

यह हैरान करने वाली शोध कई मायनों में अपने आप में सवाल खड़े कर रहे हैं |

सवाल यह है कि जो व्यक्ति गंभीर रूप से कोरोना से संक्रमित हैं और बीमारी के स्पष्ट लक्षण दिख रहे हैं उनका इम्युनिटी जिनको लक्षण नही दिख रहे हैं उनसे बेहतर कैसे हो सकता है ?

लेकिन शोधकर्ता का कहना है कि इस वायरस से लड़ने में यही तो ज्यादा उल्लेखनीय है | ज्यादातर संक्रमित मरीजों में या तो बहुत कम लक्षण दिखाई देते हैं या फिर बिल्कुल भी लक्षण दिखाई नहीं दिए हैं| इस एसिम्प्टमैटिक मरीजों के बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है | क्योंकि ऐसे लोगों को लगता ही नही है कि उनको कोई संक्रमण है | और वो डॉक्टर से अपनी जांच ही नही करवाते |

चिंता बढ़ाने वाले नतीजे


इस के लिए चीन के शोधकर्ताओं ने दो अलग अलग समूह के covid से संक्रमित लोगों का अध्ययन किया | इनमें से 37 लोगों में संक्रमण के लक्षण थे | जिनको संक्रमण मुक्त होने के कुछ सप्ताह बाद फिर से उनके खून की जांच की गई और देखा गया की एसिम्प्टमैटिक समूह के 62.2 प्रतिशत में शॉर्ट टर्म एंटीबॉडीज थीं | और सिम्प्टमैटिक समूह के लोगों में यह प्रतिशत 78.4 प्रतिशत पाया गया |

अध्ययन में पाया गया कि 81.1 प्रतिशत एसिम्प्टमैटिक मरीजों में एंटीबॉडी कम हो गई जब कि सिम्प्टोमैटिक मरीजों का प्रतिशत इस मामले में 62.2 ही रहा | इसके अलावे दुसरे मरीजों के मुकाबले एसिम्प्टमैटिक मरीजों में 18 एंटी इन्फ्लेमेट्री सेल सिग्नलिंग प्रोटीन की मात्रा का स्तर कम पाया गया | जिससे साबित होता है कि एसिम्प्टमैटिक समूह के इम्यून सिस्टम का नोवल कोरोना वायरस के प्रति कमजोर रिस्पॉन्स था |

इस शोध को नेचर मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है |

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