जब दिल की सेहत की बात आती है, तो ज्यादातर लोग सिर्फ कोलेस्ट्रॉल को ही मुख्य खतरा मानते हैं। हालांकि, बहुत से लोग ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) के खतरों से अनजान हैं। ट्राइग्लिसराइड भी कोलेस्ट्रॉल की तरह धमनियों में जमा होकर रुकावट (ब्लॉकेज) पैदा कर सकता है और दिल का दौरा (हार्ट अटैक) और स्ट्रोक जैसी घातक बीमारियों का कारण बन सकता है। खासकर जब यह अधिक मात्रा में बढ़ जाता है, तो यह रक्त को गाढ़ा और चिपचिपा बनाकर रक्त प्रवाह को बाधित करता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) क्या हैं और क्यों होते हैं खतरनाक?
ट्राइग्लिसराइड्स एक प्रकार की वसा (Fat) होती है, जो शरीर में ऊर्जा के रूप में संग्रहीत होती है। जब हम जरूरत से ज्यादा कैलोरी, शुगर और फैट का सेवन करते हैं, तो शरीर इस अतिरिक्त ऊर्जा को ट्राइग्लिसराइड के रूप में स्टोर कर लेता है। अगर शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत नहीं होती, तो ये फैट कोशिकाओं (Fat Cells) में जमा हो जाता है।
हालांकि शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स की एक सीमित मात्रा होना सामान्य है, लेकिन जब यह 150 mg/dL से अधिक हो जाता है, तो यह हृदय रोग, स्ट्रोक, मोटापा और फैटी लिवर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।
क्या ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides)और कोलेस्ट्रॉल एक ही चीज हैं?
नहीं, ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल अलग-अलग प्रकार की वसा हैं, लेकिन दोनों ही हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल शरीर की कोशिकाओं और हार्मोन बनाने के लिए आवश्यक होता है।
ट्राइग्लिसराइड्स शरीर में अतिरिक्त कैलोरी को स्टोर करने का काम करता है।
जब ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर अधिक हो जाता है, तो यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को कम और बुरे कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ा सकता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
कैसे पता करें कि ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides)बढ़ गए हैं?
अगर आपके शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ा हुआ है, तो इसके कुछ लक्षण हो सकते हैं:
✔ पेट के आसपास ज्यादा चर्बी जमा होना
✔ जल्दी थकान और कमजोरी महसूस होना
✔ हाई ब्लड प्रेशर और शुगर का बढ़ना
✔ हाथ-पैरों में झनझनाहट और सुन्न महसूस होना
✔ भूख ज्यादा लगना लेकिन शरीर सुस्त रहना
अगर आपको ये लक्षण नजर आएं तो एक बार ब्लड टेस्ट करवाकर ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल का स्तर जांचना जरूरी है।
4 चीजें जो ट्राइग्लिसराइड (Triglycerides) को तेजी से बढ़ाती हैं
- रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और मीठी चीजें
मीठी चीजें जैसे कोल्ड ड्रिंक, मिठाइयां, सफेद ब्रेड, मैदा और बेकरी प्रोडक्ट्स खाने से शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ती है, जिससे लीवर ट्राइग्लिसराइड्स का निर्माण तेज कर देता है।
✔ क्या करें? – चीनी की जगह शहद या गुड़ का सेवन करें और साबुत अनाज खाएं।
- ज्यादा ऑयली और फ्राइड फूड
जंक फूड, तली-भुनी चीजें, प्रोसेस्ड फूड और ट्रांस फैट युक्त खाद्य पदार्थ धमनियों को कठोर और संकीर्ण बना देते हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन बाधित होता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
✔ क्या करें? – ऑलिव ऑयल, नारियल तेल और सरसों के तेल का प्रयोग करें।
- शराब और सॉफ्ट ड्रिंक्स का अधिक सेवन
शराब और मीठे ड्रिंक्स लीवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे शरीर अधिक ट्राइग्लिसराइड का उत्पादन करने लगता है। यह लीवर को भी कमजोर कर सकता है, जिससे फैटी लिवर की समस्या हो सकती है।
✔ क्या करें? – शराब और कोल्ड ड्रिंक्स की जगह नारियल पानी, ताजे फलों का जूस या ग्रीन टी पिएं।
- बैठे रहने की आदत (सेडेंटरी लाइफस्टाइल)
अगर आप पूरे दिन बैठे रहते हैं और शारीरिक गतिविधि बहुत कम करते हैं, तो शरीर ट्राइग्लिसराइड को ऊर्जा के रूप में जलाने की बजाय इसे स्टोर करना शुरू कर देता है। इससे मोटापा और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
✔ क्या करें? – रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक करें, योग करें और एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
ट्राइग्लिसराइड्स को कैसे कंट्रोल करें?
✔ फाइबर युक्त आहार लें – ओट्स, हरी सब्जियां, दालें और फल खाएं।
✔ अच्छे फैट का सेवन करें – नट्स, बीज और मछली में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल के लिए फायदेमंद होते हैं।
✔ रोजाना एक्सरसाइज करें – कार्डियो और एरोबिक्स एक्सरसाइज करने से ट्राइग्लिसराइड्स तेजी से घटते हैं।
✔ मीठे और जंक फूड से बचें – सफेद चीनी और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
✔ पर्याप्त पानी पिएं – दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
✔ रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें – अच्छी नींद हार्मोन बैलेंस करने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में मदद करती है।
डॉक्टर कब दिखाएं?
अगर ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर 200 mg/dL से अधिक है या आपको लगातार थकान, सीने में दर्द, हाई बीपी या शुगर की समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
ट्राइग्लिसराइड्स को नजरअंदाज करना हार्ट अटैक, स्ट्रोक और फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियों को न्योता देने के समान है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं और इस खतरनाक फैट से बच सकते हैं।
अगर आपका ट्राइग्लिसराइड लेवल ज्यादा है, तो आज से ही अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करें – क्योंकि दिल की सेहत सबसे जरूरी है
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