विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में चेतावनी दी है कि ड्रग रेसीस्टेंट फंगल संक्रमणों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो वैश्विक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन सकते हैं। WHO के अनुसार, फंगल संक्रमणों की बढ़ती दवा-प्रतिरोधकता के कारण कई मौजूदा उपचार बेअसर हो रहे हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
फंगल संक्रमणों का बढ़ता खतरा
WHO की रिपोर्ट के अनुसार, कैंडिडा ऑरिस जैसे खतरनाक फंगल संक्रमण तेजी से फैल रहे हैं और पारंपरिक दवाओं के प्रति अधिक प्रतिरोधी हो गए हैं। यह संक्रमण विशेष रूप से कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले मरीजों, अस्पताल में भर्ती लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे व्यक्तियों को प्रभावित कर रहा है।
उपचार में चुनौतियां
WHO का कहना है कि पिछले एक दशक में सिर्फ चार नई एंटीफंगल दवाओं को ही स्वीकृति मिली है, जो इस बढ़ती समस्या के समाधान के लिए अपर्याप्त हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, एंटीबायोटिक्स और स्टेरॉयड के अंधाधुंध उपयोग से फंगल संक्रमणों की दवा-प्रतिरोधकता बढ़ रही है।
WHO का सुझाव
WHO ने इस संकट से निपटने के लिए निम्नलिखित उपाय सुझाए हैं:
फंगल संक्रमणों की निगरानी को बढ़ावा देना।
नई दवाओं और उपचार पद्धतियों में निवेश बढ़ाना।
सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना।
अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में संक्रमण नियंत्रण के कड़े उपाय लागू करना।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस समस्या को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो यह एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। WHO ने सरकारों और स्वास्थ्य संगठनों से इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करने का आह्वान किया है।
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