लहसुन और प्याज हमारे भोजन का अहम हिस्सा हैं, जो न केवल स्वाद में सुधार लाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इन दोनों में एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाते हैं। हालांकि, इनका अत्यधिक सेवन हानिकारक भी हो सकता है। आइए जानते हैं इसके संभावित बुरे प्रभाव और क्यों सही मात्रा में सेवन करना जरूरी है।
1. पाचन संबंधी समस्याएं:
लहसुन और प्याज में सल्फर कंपाउंड्स होते हैं, जो अधिक सेवन से पेट में गड़बड़ी, एसिडिटी, गैस, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं।
2. मुंह की दुर्गंध:
इनकी अत्यधिक खपत से मुंह में लंबे समय तक दुर्गंध बनी रह सकती है, जो सामाजिक और व्यक्तिगत असहजता का कारण बन सकती है।
3. त्वचा समस्याएं:
लहसुन का अत्यधिक सेवन त्वचा पर एलर्जी, रैशेज, खुजली और जलन जैसे प्रभाव डाल सकता है, और इससे शरीर का तापमान भी बढ़ सकता है।
4. ब्लीडिंग डिसऑर्डर का खतरा:
लहसुन में ब्लड थिनिंग गुण होते हैं, जिसके कारण अत्यधिक सेवन से ब्लीडिंग की समस्या बढ़ सकती है, खासकर सर्जरी के दौरान या चोट लगने पर।
5. सिरदर्द और माइग्रेन:
लहसुन में मौजूद एलिल मिथाइल सल्फाइड सिरदर्द और माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है, जिससे मानसिक तनाव और अनिद्रा भी हो सकती है।
सही मात्रा में सेवन क्यों जरूरी है?
स्वास्थ्य को संतुलित बनाए रखने, पाचन तंत्र को सही रखने और विषाक्त प्रभाव से बचाव के लिए इनका सीमित मात्रा में सेवन करना जरूरी है।
सही सेवन कैसे करें?
रोजाना 1-2 कली लहसुन और 1 मध्यम आकार का प्याज पर्याप्त होता है। इन्हें पकाकर खाना बेहतर होता है, जिससे इनकी तीव्रता कम हो जाती है।
इसलिए, लहसुन और प्याज का संतुलित सेवन करें, ताकि आप इनके स्वास्थ्य लाभ का पूरा फायदा उठा सकें।
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