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जीवन शैली मे आया अचानक य़ह बदलाव मन मे निरसता के भाव भी भर सकता है जिससे बचाव बेहद जरूरी है.

कोरोना से बचाव के लिय़े देश लौकडाउन में है. समाजिक और ब्य़तिगत रूप से अलगाव में जीना कोरोना से बचाव के लिये बेहद जरूरी है, लेकिन जीवन शैली मे आया अचानक य़ह बदलाव मन मे निरसता के भाव भी भर सकता है जिससे बचाव बेहद जरूरी है.

ऐसे मे हम आपको बताने जा रहे हैं की लौक डाउन मे भी आप अपने मानसिक स्वास्थय़ को कैसे बेहतर रख सकते हैं.

सोशल आइसोलेशन में जीने का तरीका-

-ब्य़स्त रहें, घर के काम में हांथ बटाय़ें, दिनचर्य़ा बेहतर रखें

-नकारात्मक भाव अपने मन मे न आने दें, इसके लिय़े संगीत सुने, पुस्तक पढें,टीवी पर मनोरंजक कार्य़क्रम देखें, अपने पुराने हाबी को नया रूप दें.

-हेल्दी फूड लें और खूब सारा लिक्विड लें

-शारिरिक रूप से एक्टिव रहें और इनडोर एक्सरसाइज करें

-बुजुर्गों की सेवा करें और बच्चों को ब्यसत रखें और उन्हे नये स्कील सिखायें

 फैक्ट पर फोकस,अफवाहों से बचें                                                         -अफवाहों पर ध्यान दें , सोशल मीडिया के नकारात्मक खबरों से दूर रहें, सेंसेशनल खबरों से खुद को दूर रखें

-हर वक्त बिमारियों पर चर्चा न करें

– कामन कोल्ड के लक्षण से कोरोना का शंका न पाले, कोरोना के लक्षण अलग होतें हैं

इमोशन को कैसे संभालें

-अगर तनाव महसूस हो तो कुछ मिनट तक गहरी सांस लें. वैसे ख्याल मन से दूर रखें जो उतेजना भरे हों

-अगर क्रोध महसूस हो तो मन को शांत करें और 10 से 1 तक उल्टी गिनती गिनें

-अगर मन में भय के भाव हो तो खुद से सवाल करें जैसे- आपके कंट्रोल मे क्या है, मै अनावश्यक रूप से परेशान तो नही हो रहा जिसका कोइ मतलब नही

-अकेलापन और उदास होना काफी समान्य है, ऐसी स्थिति मे फोन कर किसी को सरप्राइज दे सकतें हैं. उससे सामान्य बातें कर सकतें हैं.

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