navratri fasting

भारतीय हिंदू परम्परा में उपवास का महत्व आदि काल से बताया गया है। चैत्र नवरात्र जारी है और इस दौरान करोड़ों लोग उपवास के जरिए अपने जीवन में बदलाव को सुनिश्चित करते हैं। आइए जानते है उपवास के पांच प्रमुख फायदे जो आपके लिए बेहद जरूरी हैं।

शरीर का शुद्धिकरण

नवरात्र में उपवास आपके शरीर की शुद्धिकरण में अहम भूमिका निभाता है। गरिष्ट भोजन और प्रोसेस्ड फूड को छोड़ फल और लिक्विड डाइट के जरिए पाचन सिस्टम को आराम मिलता है। इस दौरान शरीर को भी टॉक्सिन से मुक्ति का मौका मिलता है साथ में आपके बॉडी के सभी प्रणालियां को बेहतर से काम करने के लिए Re-energise हो जाता है ।

इम्मून सिस्टम को लाभ

सात्विक भोजन करना शरीर के इम्यून सिस्टम के लिए भी बेहद जरूरी है। इस दौरान एनर्जी लेवल बढ़ता है और इससे भी इम्यून सिस्टम को सपोर्ट मिलता है। चैत्र , मौसम के बदलाव का महीना भी है जिसका असर सीधे हमारे शरीर पर पड़ता है। चैत्र के महीने में सर्दी की पूर्ण विदाई हो जाती है और गर्मी धीरे धीरे असर करने लगती है, और इस मौसमी बदलाव का व्यापक बदलाव हमारे शरीर पर पड़ता है। ऐसे में एक बेहतर इम्यून सिस्टम हमारे शरीर को वायरल या फिर बैक्टीरियल इन्फेक्शन से बचाने में कारगर भूमिका निभाता है।

जन का नियंत्रण होना

ये सर्वमान्य तथ्य है कि उपवास के दौरान आप कम कैलोरी लेते हैं, और कम कैलोरी लेने का असर आपके वजन पर पड़ता है। ऐसे में उपवास करने वालो को यह ध्यान में रखना चाहिए की बाजार के बहकावे में न आएं और फ्राई या फिर किसी भी तरह के हाई कैलोरी डायट का सेवन न करें। इससे 9 दिनों के उपवास में आप बेहतर वेट मैनेजमेंट के लक्ष्य को भी हासिल कर सकते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य पर असर
नवरात्रि में उपवास का लाभ सिर्फ शरीर को नहीं मिलता बल्कि आपके चित और मन को भी मिलता है। यह मौका होता है जब आप स्प्रिचुअल प्रैक्टिस और मेडिटेशन के जरिए अपने मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाते है और शरीर के साथ साथ मन, मस्तिष्क का भी शुद्धिकरण करते हैं।

नमक और चीनी पर नियंत्रण
नवरात्र के उपवास में एक और बड़ा लाभ शरीर में सॉल्ट और शुगर के नियंत्रण के तौर पर भी देखा जाता है । हम जानते है की ज्यादा नमक का सेवन ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है और शुगर का अत्यधिक सेवन हाई कैलोरी और डायबिटीज से संबंध रखता है। नवरात्र के उपवास का बड़ा लाभ ये भी है की नमक और चीनी का स्तर शरीर में नियंत्रित होता है।

आज के दौर में जब रिसर्चस उपवास के महत्व पर स्टडी को पब्लिश कर रहे हैं तो स्वस्थ जीवन के लिए उपवास के विभिन्न आयाम उन्हे भी दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है की इन दिनों डॉक्टर अपने एडवाइस में फास्टिंग और इंटरमीडिएट फास्टिंग को लेकर अलग अलग सलाह भी देते हैं। हालाकि ऐसे की प्रैक्टिस को जीवन में अपनाने के लिए मेडिकल एडवाइस जरूरी है।

Comments